पिटायी का मात्रक ( unit )
दुनिया तरक्की पर है लेकिन अभी तक मार, पिटाई, गाली-गलोंच जैसी महत्वपूर्ण
राशियों(amount,quantity,amplitude) को नापने के लिए कोई सुविधा नहीं है|
हद है, किसी अमेरिकी या योरोपियन की नजर इस पर नहीं पड़ी|
अनुसन्धान करके पिटाई मात्रक खोज लिया जाये तो आधुनिक जीवन
कितना सरल हो जायेगा|
मार, पिटाई, गाली-गलोंच का मात्रक :- अफलातून
फॉर एक्सामपल
एक वकील - जज साहब, मुजरिम अपाहिज लाल ने वादी बलवान कुमार को लंगड़ी मार कर
गिराया जिससे उसे २५५ अफलातून चोट आई|
मुजरिम अपाहिज लाल को कड़ी से कड़ी सजा दी जाय |
अभी तक फुल मर्डर, हाफ मर्डर जैसे ओल्ड फैशन शब्दों का प्रयोग किया जाता है.
स्कूलों में पिटाई की अधिकतम मात्र तय की जा सकेगी|
पांचवी कछा तक के विद्यार्थियों को प्रतिदिन ५० अफलातून और प्रति पीरियड
२५ अफलातून से ज्यादा पिटाई अवैध|अभी तक मामला स्कूल का है इसलिए गिनती पहाड़े
चलन में हैं, लेकिन उलटे हाथ पर पांच , सीधे हाथ पर तीन का हिसाब बहुत टेढ़ा है|
इसी कारण भारतीय शिछा व्यवस्था इतनी पिछड़ी हुई है| नया मात्रक अपनाते ही
विद्यार्थी नये कीर्तिमान स्थापित करेंगे( पिटने के) |
पौराणिक कथायें कुछ इस प्रकार होंगी|
शिशुपाल ने भगवान् कृष्ण को १९५५ अफलातून गालियाँ दीं तब जा कर, भगवान्
ने शिशुपाल का वध किया|
पकासुर नामक असुर ने बारह वर्ष तक भगवान् भोले नाथ की तपस्या
करके १०००००० अफलातून पिटाई झेलने का वरदान प्राप्त किया|
जब धर्म और न्याय की पर्याप्त मात्र में हानि हो गयी तो यूपी पोलिस
की एंट्री वाली इस्टाइल में भगवान् विष्णु ने यूपी में एक बार फिर से
एक सज्जन के घर में अवतार लिया|
कलांतर में १०१ अफलातून गलिया के (पिटाई करके नहीं) पकासुर
का संहार किया|